बागपत, मार्च 28 -- बामनौली गांव के ठाकुरद्वारा मंदिर में चल रहे 111 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यज्ञ में पांचवे दिन केशवानंद गिरि महाराज ने कहा कि स्वार्थ के वशीभूत होकर किया गया कार्य खुद के लाभ के लिए होता है, जो दूसरी की भलाई के काम नहीं आ सकता है। काम, क्रोध, मोह और माया जाल में फंसकर इंसान अपनों से विमुख होता जाता है। उसे सिर्फ यही चिंता सताती रहती है कि अपना कार्य किस तरह आगे बढ़े। इस दौरान श्रीराम तोमर, हेमंत एडवोकेट, जंगबहादुर तोमर, रामबीर सिंह, पवन कुमार, धर्मपाल सिंह, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.