नई दिल्ली, मई 29 -- भारत सरकार ने 2026 के लिए अल नीनो के प्रभाव के कारण कमजोर मॉनसून का अनुमान जताया है। इसके चलते इस साल पिछले 11 वर्षों में सबसे कम बारिश होने की आशंका है। दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि देश पहले से ही ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न हुई महंगाई की मार झेल रहा है। इस कमजोर मॉनसून का सीधा असर फसलों, खाने-पीने की चीजों की कीमतों और देश के आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।मॉनसून का महत्व क्यों है ज्यादा? भारत के महत्वपूर्ण जल स्रोतों को भरने और खेती के लिए सालाना होने वाली कुल बारिश का लगभग 70% हिस्सा मानसून से ही आता है। देश की करीब आधी खेती के लिए सिंचाई की पक्की सुविधा नहीं है, यानी ये खेत पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं। साथ ही, देश की लगभग आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती-किसान...