नई दिल्ली, जून 19 -- चीन के साथ पनडुब्बी समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक दशक से भी अधिक समय बाद पाकिस्तान ने आखिरकार अपनी पहली पनडुब्बी को नौसेना में शामिल कर लिया है। यह सौदा पाकिस्तान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महंगा रक्षा अधिग्रहण है। अप्रैल 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 8 हैंगोर-क्लास पनडुब्बियों की खरीद का समझौता हुआ था। समझौते के तहत 4 पनडुब्बियों का निर्माण चीन में होना था और इन्हें 2022-2023 से पहले पाकिस्तान को सौंपा जाना था। वहीं बाकी 4 पनडुब्बियों को साल 2028 तक कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स में असेंबल किया जाना था। तय समयसीमा बीतने के बाद साल 2026 तक पाकिस्तान नौसेना में केवल एक ही पनडुब्बी पीएनएस हैंगोर (PNS Hangor) शामिल हो सकी है।क्यों फेल हुई डि...