कानपुर, अप्रैल 25 -- कानपुर। इस्कॉन में शनिवार को माता-सीता की आविर्भाव तिथि सीता नवमी भव्य रूप से मनाई गई। 108 चांदी के कलशों से पंचगव्य फल रस एवं अन्य विशेष सामग्रियों से प्रभु श्री रामचंद्र एवं माता सीता का महाभिषेक किया गया। सुबह मंगला आरती के समय से ही बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच गए। प्रभु श्री रामचंद्र की नित्य पत्नी जगत जननी माता सीता शाश्वत रूप से श्री रामचंद्र की सेवा करती हैं। श्री श्री जानकी, जानकी वल्लभ, लक्ष्मण, हनुमान जी के परम आकर्षक विग्रहों को सुंदर रत्न जड़ित पोशाक एवं सुगंधित चंदन के लेप से सुशोभित किया गया। प्रातः पुणे से आए विशेष अतिथि व प्रख्यात कथाकार वंशी वदन प्रभु ने सीता नवमी के पवित्र अवसर पर कथा सुनाई।श्री यह भी पढ़ें- सीता नवमी पर सुबह से शाम तक कब पूजा करें, जानें मुहूर्त, कथा और महत्व राम लक्ष्मण जानकी, ...
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