सीवान, मार्च 14 -- सीवान,निज संवाददाता। श्रीराम कथा के पंचम दिन श्रीराम कथा वाचक राजन जी महाराज ने मिथिला के धनुष यज्ञ के प्रसंग का किया वर्णन किया। शहर के वीएमएचई इंटर कॉलेज के प्रांगण में राजन जी महाराज के श्रीमुख से हो रही श्रीराम कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने अहिल्या उद्धार, विश्वामित्र मुनि संग श्रीराम और लक्ष्मण का मिथिला प्रवास, धनुष यज्ञ आदि प्रसंगों का वर्णन किया। श्रीराम कथा वाचन के दौरान राजन जी ने कहा कि भगवान तो सिर्फ भाव के भूखे होते हैं। उन्हें न तो धन लुभाता है और न वैभव। जटायु के प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। परहित से आशय उस व्यक्ति के हित से होता है जिसको न आप जानते हो न वो आपको जानता हो । परहित करने का भाव भी जागृत होने लगे तो फिर संसार में...