शामली, अगस्त 11 -- आस्था और श्रद्धा की अनूठी मिसाल उस समय देखने को मिली, जब गांव मोरमाजरा थाना भवन निवासी सतवीर, सोनू, सचिन और प्रवेश अपनी 102 वर्षीय दादी प्रकाशी के पोत्रो व एक प्रपोत्र ने दादी को कांवड़ में बैठाकर 51 लीटर गंगाजल के साथ बाबरी क्षेत्र से होकर गुजरे। उनके साथ पड़पौत्र प्रदीप भी अपनी परदादी को लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल रहा। गांव मोर माजरा निवासी सतवीर ने बताया कि यह उनकी दादी के साथ दूसरी कांवड़ यात्रा है। पिछले वर्ष भी वह अपनी 102 वर्षीय दादी प्रकाशी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए थे। इस वर्ष भी परिवार ने उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा पूरी की। यह भी पढ़ें- उम्र के बराबर जल उठाने का अनोखा संकल्प, कलश की बढ़ी मांग सतवीर ने बताया की उन्होंने 4 अगस्त को शाम के समय हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर दादी को का...