जमशेदपुर, अगस्त 9 -- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 101 साल पहले जमशेदपुर पहली बार आए थे। तीन दिवसीय दौरे 7 से 9 अगस्त के दौरान वे कई स्थानों पर गए थे। तब वे टाटा स्टील में बार-बार हो रहे आंदोलन के कारण प्रबंधन और मजदूरों के बीच समझौता कराने आए थे। वे कंपनी प्रबंधन और दीनबंधु सीएफ एंड्रयूज के संयुक्त बुलावे पर पहुंचे थे। जमशेदपुर में स्वदेशी इस्पात उद्योग और स्वराज आन्दोलन दोनों का आगमन करीब एक साथ ही हुआ था। शुरुआत श्रमिक आन्दोलन से हुई थी। पहली हड़ताल 24 फरवरी 1920 को हुई थी। इस हड़ताल के दौरान जमशेदपुर लेबर एसोसिएशन की स्थापना हुई। बार-बार हड़ताल और समझौते की प्रक्रिया 1925 तक चलती रही। यह भी पढ़ें- एकेके ओसीपी व बोकारो कोलियरी में पीट मीटिंग श्रमिक अपने बर्खास्त सचिव जी सेठी की बहाली पर अड़े थे और प्रबंधन राजी नहीं हो रहा था। तब गांधीजी के अनन...