नई दिल्ली, मई 22 -- नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रमुख अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को रुपये के गिरावट पर हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि एक डॉलर के बराबर 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को नीति निर्धारण का आधार न बनाएं। पनगढ़िया ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 100 भी बस एक संख्या है, ठीक 99 और 101 की तरह। उन्होंने साफ कहा कि कच्चे तेल की कमी अल्पकालिक हो या दीर्घकालिक, इस समय रुपये को अपने स्तर पर गिरने देना ही सही नीति है। अर्थशास्त्री ने कहा कि यदि कच्चे तेल की कमी तीन महीने से एक साल तक की है तो रुपये में शुरुआती कमजोरी आएगी, लेकिन बाद में तेल कीमतों में नरमी आने पर रुपये में मजबूत वापसी होगी। इस दौरान विदेशी निवेशक 'सस्ते' रुपये का फायदा उठाकर भारत में...