नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- कर्नाटक के कूर्ग में 100 साल से अधिक पुरानी पुश्तैनी कॉफी एस्टेट को नई पहचान देने के लिए ऋष्विन देवाया ने अपनी नौकरी छोड़ दी। पांचवीं पीढ़ी के कॉफी उत्पादक देवाया ने परिवार के करीब 128 साल पुराने कारोबार को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा ब्रांड बनाया, जो सीधे ग्राहकों तक कॉफी पहुंचाता है। उनके ब्रांड रिवरसाइड कॉफी का सालाना कारोबार Rs.2 करोड़ तक पहुंच गया है और यह हर साल 30% की दर से बढ़ रहा है।1898 में हुई थी कारोबार की शुरुआत रिवरसाइड कॉफी की कहानी 1898 से शुरू होती है। देवाया के परदादा के परदादा परिवार की बड़ी संपत्ति के एक हिस्से में धान के खेतों की देखभाल करने पहुंचे थे। बाद में भाई के साथ मतभेद होने के कारण उन्होंने संपत्ति के सबसे दूर वाले हिस्से में अपना ठिकाना बना लिया। यही जगह आगे चलकर परिवार के ...