नई दिल्ली, मार्च 24 -- अब तक जो नजारे किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कल्पना में देखने को मिल रहे थे, वे हकीकत बन रहे हैं और इंसानी दिमाग सीधे कंप्यूटर से जुड़ रहा है। इंसानी दिमाग और मशीन के बीच सीधा कनेक्शन बनाने का दावा करने वाली एलन मस्क की कंपनी Neuralink ने जब अपने पहले ह्यूमन ट्रायल की शुरुआत की, तो पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिक गईं। अब इस प्रयोग के 100 दिन पूरे होने के बाद, इसके पहले मरीज Noland Arbaugh ने अपना अनुभव शेयर किया है। नोलैंड आर्बॉ एक गंभीर दुर्घटना के बाद गर्दन के नीचे से पूरी तरह पैरालाइज्ड हो चुके थे, उनके दिमाग में न्यूरालिंक चिप फिट हुए 100 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 100 दिनों में उनकी जिंदगी में ऐसा बदलाव आया है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बता पाना मुश्किल है। उनका कहना है कि अब वे इस चिप के बिना अपनी जि...