हिन्दुस्तान ब्यूरो, जून 10 -- बिहार में लोकहित एवं जनोपयोगी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अब कमेटी करेगी। राजस्व विभाग ने परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में खर्च होने वाली राशि के अनुसार डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। डीएम सौ करोड़ तक तो प्रमंडलीय आयुक्त सौ करोड़ रुपये से अधिक की जमीन अधिग्रहण कर सकेंगे। विभाग की कोशिश है कि परियोजनाओं के लिए अविलंब जमीन अधिग्रहण हो, ताकि समय पूरा हो सके। विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों/निकायों का उनकी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर रैयती भूमि की आवश्यकता होती है। भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले समय और लागत को बचाने और लोकहित की परियोजनाओं को तय समय में क्रियान्वित करने के लिए जमीन मालिकों की सहमति से भूमि प्...