कोलकाता, मई 4 -- पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वह कर दिखाया जिसकी एक दशक से पहले तक कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। भाजपा भले ही अपने गठन के बाद से ही उस राज्य में कमल खिलाने का सपना देख रही थी जहां से जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी आते थे। लेकिन 2016 में महज 3 सीट जीत पाने वाली पार्टी एक दशक बाद इतना प्रचंड बहुमत प्राप्त करेगी, यह सोचना तो 'दिवा स्वपन' की कहा जा सकता था। भाजपा ने 2016 से 2026 के बीच 6500 पर्सेंट की छलांग लगाते हुए उन राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है जो बंगाल को भाजपा के लिए बंजर कहते थे। कांग्रेस,लेफ्ट और फिर टीएमसी का अभेद्य किला समझे जाने वाले बंगाल में भाजपा ने इस बार अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। कभी तिहरे अंकों तक नहीं पहुंच सकी पार्टी दोहरे शतक तक पहुंच गई। पांच साल पहले 77 सीटों...