रुडकी, अक्टूबर 7 -- रुड़की,संवाददाता। पितृ पक्ष का समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या, महालया अमावस्या और पितृ विसर्जनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह तिथि विशेष रूप से उन पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या किसी कारण से श्राद्ध नहीं हो सका। यह भी पढ़ें- Jamshedpur News: सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्तूबर को, पितरों को दी जाएगी विदाई

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