नई दिल्ली, अगस्त 13 -- आज के समय में 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कम नंबर आने पर छात्र निराश हो जाते हैं। प्रवेश या भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में बार बार असफलता मिलने पर भी लाखों उम्मीदवार मायूस होकर तनाव में चले जाते हैं और हार मान लेते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो गया। हताशा के अंधेरे में डूबे ऐसे युवाओं के लिए बिहार के एसडीएम राहुल सिन्हा की कहानी काफी सीख देने वाली है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने अपने 12 साल के संघर्ष को बताते हुए कहा कि उन्हें 10वीं में केवल 52 प्रतिशत नंबर ही मिले थे लेकिन 12 साल की जीतोड़ मेहनत के बाद वह अफसर बन गए। राहुल सिन्हा बताते हैं कि उन्होंने तीन बार IIT की परीक्षा भी दी लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो पाए। बाद में उन्होंने BPSC...