नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- दसवीं के लाखों बच्चों और उनके मां-बाप को अब चैन की सांस लेनी चाहिए। पास होने का पैमाना जस का तस रहेगा। सीबीएसई ने खुद सामने आकर कह दिया है कि इस मामले में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हर विषय में लिखित परीक्षा और इंटरनल को मिलाकर 33 फीसदी अंक लाने होंगे। दोनों में अलग-अलग 33 फीसदी की कोई शर्त नहीं है। यह सफाई कुछ दिन पहले उठे सवालों के बाद आई है। कई शिक्षकों और छात्रों ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 और 10 के पाठ्यक्रम (भाग-1) को लेकर चिंता जताई थी। नए ढांचे को पढकर बहुत से लोग उलझन में पड गए थे। सवाल यही था कि पास होने के लिए दोनों हिस्सों में अलग-अलग नंबर चाहिए या नहीं।बोर्ड के सर्कुलर में क्या? बोर्ड ने अपने सर्कुलर में नंबरों का बंटवारा भी साफ कर दिया है। कक्षा 9 और 10 में बोर्ड की मुख्य परीक्षा 80 अंकों की होगी। बाकी...