रांची, जून 3 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे टेंडर व्यवसाय में निवेश के नाम पर कथित तौर पर 1.91 करोड़ रुपये लेने से जुड़े मामले में प्रार्थी विमल अग्रवाल और उनके पुत्र प्रतीक अग्रवाल को बड़ी राहत दी है। जस्टिस अनिल चौधरी की अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और सभी आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विमल अग्रवाल और प्रतीक अग्रवाल ने रेलवे टेंडर व्यवसाय में निवेश कराने के नाम पर उससे 1.91 करोड़ रुपये लिए थे। शिकायतकर्ता का कहना था कि निवेश पर लाभ के साथ राशि वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में रकम नहीं लौटाई गई। इस शिकायत के आधार पर जमशेदपुर के सोनारी थाना में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग), 420 (धोखाधड़ी) और 34 के तहत...