नई दिल्ली, अगस्त 31 -- Shani-Guru Navpancham Rajyog 2026 September: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय देवता और बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। शनि कर्म, न्याय, अनुशासन और आयु के कारक हैं, जबकि गुरु सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य के कारक माने गए हैं। इस समय शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं और गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में हैं। 1 सितंबर को गुरु-शनि के बीच कोणीय स्थिति बनेगी, जिससे नवपंचम राजयोग एक्टिव होगा। पंचांग के अनुसार, 01 सितंबर को सुबह 03 बजकर 39 मिनट पर शनि-गुरु एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिसे नवपंचम राजयोग कहा जाता है। यह योग धन, करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है। गुरु-शनि के प्रभाव से बनने वाला नवपंचम राजयोग 5 राशियों को सकारात्मक फल प्रदान करेगा। जानें इन राशियों के बारे में। यह भी पढ़...