नई दिल्ली, जनवरी 29 -- आज की तेज रफ्तार जिंदगी में एंग्जायटी, बेचैनी और ओवरथिंकिंग लगभग हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, सोशल मीडिया का शोर और लगातार दिमाग में चलती चिंताएं मानसिक थकान को और बढ़ा देती हैं। ऐसे में लोग अक्सर जटिल थेरेपी या लंबी मेडिटेशन तकनीकों की तलाश करते हैं, जबकि सुकून पाने का एक बेहद सरल तरीका हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में ही छिपा है। जापान की एक माइंडफुल प्रैक्टिस के अनुसार, जब भी एंग्जायटी या बेचैनी महसूस हो तो सफाई शुरू कर दें। यह आदत दिमाग को नेगेटिव सोच से हटाकर एक्शन पर फोकस करना सिखाती है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह बताती हैं कि यह तरीका दिमाग का फोकस चिंता से हटाकर वर्तमान पल में ले आता है। उनके अनुसार, यह आदत ना सिर्फ उन्होंने खुद आजमाई है, बल्कि उनके कई क्लाइंट्स ने भी इससे तुरंत मानसिक शांत...
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