... लिखते हैं जख्मों को मगर महफिल समझती है हमे गजलें सुनानी है
लखनऊ, अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी प्रेक्षागृह में रविवार शायरी की खूबसूरत शाम सजी। साहित्यिक संस्था कबीरा बाई वेद की ओर से खनऊ के मशहूर शायर और मंच संचालक वासिफ फारूकी की साहित्यिक सेवाओं के सम्मान में मुशायरा और सम्मान समारोह का आयोजन किया। पूर्व कार्यकारी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश डॉ अम्मार रिजवी ने मुशायरे के मुख्य अतिथि रहे। शबीना अदीब, जौहर कानपुरी, वासिफ फारुकी, जैसे शायरों के कलाम में मोहब्बत, भाईचारा, वतनपरस्ती का पैगाम मिला। मुशायरे की अध्यक्षता उर्दू विभागाध्यक्ष लखनऊ विश्व प्रोफेसर अब्बास रज़ा नैयर और संचालन दिल्ली से आये शायर मोईन शादाब ने किया। प्रो. अब्बास रजा नैयर मैं दिया हूं मुझे बुझायेगी ऐ हवा सांस फूल जायेगी कलाम को सुनाकार सुनने वालों की दाद बटोरी। शायरा शबीना अदीब ने अपने कई कलामों के बाद जरा सा कुदरत ने क्य...
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