... तो लॉ कॉलेज का हॉस्टल रहने खाने की जगह बनकर रह जाएगा- सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, मई 13 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यदि कक्षा में कम उपस्थिति होने पर परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका गया तो नेशनल लॉ कॉलेज का छात्रावास सिर्फ रहने-खाने की जगह बनकर रह जाएगा। शीर्ष अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर यह टिप्पणी की है, जिसमें कहा गया है कि कक्षा में कम उपस्थिति होने पर कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जा सकता है। यह भी पढ़ें- आईएलएस में कौंसिल ने बताई कई कमियां, 8 जून तक दूर करने का निर्देशसुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की पीठ ने कम उपस्थिति होने पर परीक्षा में शामिल होने दिया जाए या नहीं, इस मुद्दे पर विस्तार से सुनवाई के बाद ही कोई आदेश पारित करेंगे। पीठ ने मामले...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.