अररिया, अप्रैल 20 -- फारबिसगंज,निज संवाददाता। क्रिमिनल कोर्ट के शुभारंभ की उम्मीद के साथ ही बदल गया है अधिवक्ताओं के बॉडी लैंग्वेज । करीब 15 सौ वकीलों के भविष्य से जुड़ा यह क्रिमिनल कोर्ट क्षेत्र के नौ थाना, दो नगर परिषद, एक नगर पंचायत, 80 ग्राम पंचायत और लगभग 18 लाख की आबादी के लिए न्याय का नया द्वार खोलेगा। वर्ष 1990 में अनुमंडल बनने के बाद से ही लोग सस्ता और सुलभ न्याय की आस लगाए बैठे थे, लेकिन करीब 35 वर्षों तक यह सपना अधूरा ही रहा। यह क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़ा और गरीब बहुल माना जाता है, जहां हर वर्ष करीब 15 से 20 हजार प्राथमिकी व शिकायतें दर्ज होते हैं। यह भी पढ़ें- देखते ही देखते बदल गया है अधिवक्ताओं का बॉडी लैंग्वेज अब तक इन मामलों के लिए क्षेत्रवासियों को जिला मुख्यालय अररिया जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी परेशानी...
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