नई दिल्ली, जुलाई 24 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार से पूछा कि ट्रांसजेंडर लोग सरकारी नौकरी कैसे पा सकते हैं। भर्ती के विज्ञापनों में टीचिंग की वैकेंसी को अब भी सिर्फ पुरुष और महिला की कैटेगरी में ही बांटा जाता है। कोर्ट ने कहा कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को ऑनलाइन एप्लीकेशन पोर्टल पर रजिस्टर करने की सुविधा देने भर से ही असल समस्या का समाधान नहीं हो सकता। जस्टिस जेबी परदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने दिल्ली सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि जब वैकेंसी के नोटिफिकेशन ही लिंग-आधारित होते हैं तो ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की नियुक्ति पर कैसे विचार किया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ट्रांसजेंडरों को हर संभव जगह पर सम्मान के साथ रोजगार ...