नई दिल्ली, मार्च 30 -- पश्चिम एशिया में जारी संकट ने पूरी दुनिया के सामने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। लेकिन अब यह संकट केवल ऊर्जा तक सीमित न होकर इंटरनेट कनेक्टिविटी तक पहुंच गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगर यह युद्ध ऐसे ही बढ़ता रहा, तो लाल सागर में मौजूद इंटरनेट फाइबर केबल्स को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ईरान ने भले ही अभी तक ऐसी धमकी न दी हो, लेकिन उसका प्रॉक्सी संगठन हूती कई बार ऐसी बातें कर चुका है। बढ़ते युद्ध के बीच कई विशेषज्ञ भी केबल्स की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जता चुके हैं। इंटरनेट केबल्स के क्षतिग्रस्त होने का एक मामला पिछले साल सितंबर में सामने आया था। एक व्यापारिक जहाज के एंकर की वजह से समुद्र में बिछी केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी वजह से पश्चिम और दक्षिण एशिया के कई देशों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई थी। भारत मे...
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