नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- साल 2000 में टीवी पर आता 'स्कूल चले हम'का एड याद है। आज से करीब 20 से 25 साल पहले टीवी पर आए इस एड को आप फिर से देखेंगे तो आपको हंसते-खेलते स्कूल जाते हुए कुछ बच्चे दिखेंगे। स्कूल जाना, अपने दोस्तों से मिलना, पढ़ाई करना...कोई भी बच्चा ये काम खुश होकर करता होगा। पर कैसा होगा अगर रोज स्कूल जाना ही किसी बच्चे के लिए बोझ बन जाए। उत्तर प्रदेश के बलिया से एक ऐसी ही बच्ची की कहानी सामने आई है, जिसे स्कूल जाने के लिए एक बड़े संघर्ष से गुजरना पड़ता है। स्कूल जाने की उम्र में जब बच्चे बैग टांगकर दोस्तों के साथ दौड़ते हुए स्कूल पहुंचते हैं, उसी उम्र में सात साल की एक मासूम बच्ची हर दिन अपने हौसले के सहारे स्कूल जाती है। उसका एक पैर खराब है, जिसकी वजह से वह ठीक से चल नहीं पाती। लेकिन पढ़ाई के लिए उसके जुनून के आगे उसकी परेशानी...