बिहारशरीफ, मार्च 29 -- पहले उपन्यास 'द फाइनल थेसिस' का हुआ प्रकाशन परवलपुर के शंकरडीह गांव का रहने वाला है अथर्व आनंद दिल्ली के एक स्कूल में सातवी कक्षा का है छात्र फोटो : नॉवेल-परवलपुर के शंकरडीह गांव का अथर्व आनंद। परवलपुर, निज संवाददाता। नालंदा के एक लाल ने 'होनहार विरवान के होत चिकने पात' की कहावत को सच कर दिखाया है। परवलपुर प्रखंड के शंकरडीह गांव निवासी 13 वर्षीय अथर्व आनंद ने इतनी कम उम्र में अंग्रेजी उपन्यास लिखकर बाल साहित्यकारों की दुनिया में तहलका मचा दिया है। उसकी मर्डर मिस्ट्री 'द फाइनल थेसिस' का प्रकाशन नई दिल्ली के शांडिल्य प्रकाशन ने किया है। वह दिल्ली के एक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है। यह उपन्यास एक बेहद रोचक मर्डर मिस्ट्री पर आधारित है जो पाठकों को रहस्य और रोमांच की दुनिया में ले जाता है। पिता आलोक कुमार मिश्र दिल...
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