''मोर भावोनारे की हावाय मातालो'' पर बांग्ला नृत्य ने मंत्रमुग्ध किया
कानपुर, मई 24 -- कानपुर। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर की जयंती पर रविवार को प्राची बंगभवन परिषद कवि पक्ष का आयोजन किया। देशभर से आए कलाकारों ने रवीन्द्र संगीत, नज़रुल गीति, लालन गीति, कविता पाठ, नृत्य व गीत प्रस्तुत किए गए। कुमारी आराध्या घोष ने रवींद्रनाथ ठाकुर के गीत 'मोर भावोनारे की हावाय मातालो' पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का विवरण स्नेहान्सु घोष ने जीवनानंद दास की कविता 'आबार आसिब फिरे' का पाठ किया। आर्यनगर स्थित बंगभवन में हुए समारोह में अर्तृका भट्टाचार्य ने लालन गीति व रवीन्द्र संगीत प्रस्तुत किया। अनुपमा सिंह राय ने नजरुल गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। अशोक मुखोपाध्याय ने रजनीकांत सेन एवं काजी नजरुल इस्लाम के गीत सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर परेश भट्टाचार्य ने संगत दी।
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