नई दिल्ली, जून 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के मेयर, डिप्टी मेयर, चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनाव में मतदान करने की विधायकों को इजाजत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद, अब राज्य भर की नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पदाधिकारियों के चुनाव में विधायकों को हिस्सा लेने और वोट देने की इजाजत होगी。

राज्य सरकार की स्थिति हिमाचल प्रदेश के एडवोकेट जनरल अनूप कुमार रतन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर्फ सरकार के लिए राहत नहीं है, बल्कि कानून की सही व्याख्या की पुष्टि भी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल एक्ट, 1994 की धारा 10(3) विधायकों को म्युनिसिपल निकायों के पदेन सदस्य के तौर पर वोट देने का अधिकार देती है और विधानसभा न...