नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- सुप्रीम कोर्ट सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। अर्जी में इसी साल 19 मई को पारित आदेश के स्पष्टीकरण की मांग की गई है। अर्जी में यह भी कहा गया कि नेशनल हाईवे/एक्सप्रेस-वे से आवारा जानवरों को हटाने, उन्हें आश्रय देने की मुख्य कानूनी जिम्मेदारी राज्यों, स्थानीय निकायों और तय हाईवे प्रशासनों की है, न कि अकेले एनएचएआई की।

अर्जी का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष एनएचएआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अर्जी का उल्लेख करते हुए, इस पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने पीठ से कहा कि जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की विशेष पीठ ने एनएचएआई को शेल्टर बनाने का निर...