वाराणसी, अप्रैल 12 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में आयोजित 'हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : ऐतिहासिकता, परिवर्तन और चुनौतियां' विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन वक्ताओं ने पत्रकारिता की सामाजिक भूमिका और चुनौतियों पर चर्चा की। हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने इसे राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार बताया। वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने बीएचयू के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बताते हुए कहा कि लगभग दो शताब्दी पहले हिंदी खड़ी बोली, हिंदी गद्य और हिंदी पत्रकारिता का विकास एक साथ प्रारंभ हुआ। बनारस इस पूरी प्रक्रिया का न केवल साक्षी बल्कि सूत्रधार भी रहा। कोलकाता के बाद बनारस हिंदी पत्रकारिता का प्रमुख केंद्र बना। आजादी के बाद पत्रकारिता का स्वरूप बदला और उसने ...
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