प्रयागराज, जनवरी 29 -- गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान झूंसी की ओर से 'भारतीय सौंदर्य दृष्टि: ललित कलाओं के सन्दर्भ में एक विमर्श' विषय पर गुरुवार को संवाद आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किस प्रकार हमारी सामूहिक चेतना, कला और सौंदर्य की एक समग्र दृष्टि का निर्माण करती है, जहां व्यक्ति, समाज और सांस्कृतिक चेतना आपस में जुड़ी होती हैं। इविवि दृश्य कला विभाग के डॉ. सौमिक नंदी ने कला को सामाजिक यथार्थ और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम बताया। प्रो. अजय जेटली ने कहा कि कला हमें अराजकता और बिखराव से बचाती है तथा जीवन को अर्थ और संतुलन प्रदान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी निर्मिति के अंश हमारी अभिव्यक्ति के माध्यम से सामने आते हैं, और यही कला की मूल शक्ति है। डॉ. नरेश सूना, डॉ. सच...
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