वाराणसी, मार्च 1 -- वाराणसी। बीएचयू के वेद विभाग में आयोजित दस दिवसीय 'स्वर प्रक्रिया विमर्श' के अंतिम दिन शनिवार को 'कर्मकांड प्रभु' नामक ग्रंथ का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. महेंद्र पांडेय रहे। अध्यक्षता प्रो. हरिश्वर दीक्षित और स्वागत प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने किया। सारस्वत अतिथि प्रो. हृदय रंजन शर्मा ने कहा कि वैदिक शिक्षा की उपादेयता को वैज्ञानिकों ने भी स्वीकार किया है। मुख्य वक्ता प्रो. भगवत शरण शुक्ल ने स्वर और व्याकरण के अभिन्न संबंध को स्पष्ट बताया और अर्थ निर्धारण में उसकी भूमिका का उल्लेख किया। प्रो. सुनील कात्यायन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन डॉ. उदय प्रताप भारती और डॉ नारायण प्रसाद भट्टराई ने किया। कार्यक्रम में प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, डॉ. बुद्धि सागर मिश्र, अविनाश धर द्व...
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