'सोने' जैसा कीमती हो सकता है बेकार फोन, टीवी; जानें क्यों ई-वेस्ट इकट्ठा करने में जुटी दिल्ली सरकार
नई दिल्ली, जुलाई 11 -- खराब हो चुके स्मार्टफोन की चर्चा शायद ही कभी होती है। पुराने लैपटॉप, टूटे हुए टेलीविजन या बेकार हो चुके चार्जर का भी यही हाल है। फिर भी, ये सभी बेकार गैजेट मिलकर दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले कचरे का एक बड़ा हिस्सा बन गए हैं। आपकी नजर में भले ही कबाड़ हो चुका फोन, टीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम बेकार हो, लेकिन इनमें मौजूद जरूरी चीजों को निकालकर फिर से उपयोग में लाया जा सकता है। जैसे-जैसे इंसान तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं, इलेक्ट्रॉनिक कचरे (यानी ई-वेस्ट) की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। इतना ही नहीं, जब देश भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हैं, तब भी ई-वेस्ट की समस्या बनी रहती है। उदाहरण के लिए, जब भारत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा)...
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