नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा 'किसी भी अदालत के लिए आस्था को गलत ठहराना मुश्किल'प्रभात कुमारनई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट के 9 जज की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि सामाजिक कल्याण और सुधार के नाम पर किसी धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता। संविधान पीठ ने यह भी कहा कि किसी भी अदालत के लिए लाखों लोगों की आस्था को गलत ठहराना मुश्किल है।देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने यह टिप्पणी सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। यह भी पढ़ें- सबरीमाला मंदिर: सुधार के नाम पर किसी धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता- संविधान पीठ प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन कर रहे त्रावणकोर देवस्वो...
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