'साहित्य में समाज की धारा को पवित्र करने की क्षमता'
रांची, जून 2 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। स्वर्णिम कला कुंज एवं साहित्योदय मंच की ओर से धुर्वा में काव्य गोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता सुरिंदर कौर नीलम ने किया। संस्था की रिंकू बनर्जी द्वारा सरस्वती वंदना किए जाने के बाद डॉ रजनी शर्मा चंदा ने साहित्यकारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि साहित्य ने सृजन, संवाद, संस्कृत और सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों में चेतना जागृत की। साहित्य समाज की धारा को पवित्र करने की क्षमता रखती है। साहित्य सेवा के प्रति सजगता को और बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को कला, सृजन, संस्कृति और साहित्य के प्रति अपनी रुचि को जागृत करने के लिए आवाह्न किया। रामजी यादव ने साहित्यकारों को गोष्ठी में शामिल होने पर आभार जताया।
कार्यक्रम में शामिल साहित्यकार कार्यक्रम में ऋतुराज वर्षा, आस...
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