नई दिल्ली, मई 13 -- देश के 99 फीसदी सार्वजनिक सेवा वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि उन सार्वजनिक वाहनों को तभी फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट दिया जाए जिनमें ट्रैकिंग डिवाइस लगा हो। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी सार्वजनिक सेवा वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट तब तक नहीं दिया जाए, जब तक ऐसे डिवाइस लगाए जाने का सत्यापन न हो जाए और वाहन एप्लिकेशन में इसकी जानकारी दर्ज न हो जाए। पीठ ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करते हुए टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि मौजूदा समय में 1 फीसदी से भी कम परिवहन वाहनों में अनिवार्य वाहन ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए हैं। पीठ ने कहा कि यह स्थिति बेहद परे...