नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि जिन सात साल की वकालत पूरी कर चुके न्यायिक अधिकारी बार कोटा के तहत जिला जज/अपर जिला जज बन सकते हैं। संविधान पीठ ने अपने फैसले में साफ कर दिया कि जिला जज के पद पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 25 फीसदी कोटा सिर्फ बार उम्मीदवारों के लिए नहीं है। देश के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने सहमति वाले दो अलग-अलग फैसले पारित किए। सीजेआई गवई ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अधीनस्थ न्यायिक सेवा में भर्ती होने से पहले बार में सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके न्यायिक अधिकारी सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत जिला जज/अपर जिला जज के पद पर नियुक्ति के पात्र हैं। ऐसे न्यायिक अधिकारी, जिसके पास न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता के तौर पर संयुक्त रूप से सात साल ...
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