नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी अक्सर एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर और बड़े निवेशों के नजरिए से देखी जाती है। लेकिन इसके समानांतर एक शांत लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव गांवों में भी देखने को मिला है। पिछले नौ वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा पशुपालन, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और रेशम उत्पादन जैसे क्षेत्रों पर दिया गया विशेष ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे स्थिरता और विविधता भी प्रदान कर रहा है। यह बदलाव सिर्फ नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी इसके ठोस परिणाम दिखाई दे रहे हैं, जिसे एक 'साइलेंट रिवोल्यूशन' कहा जा सकता है।पशुपालन: समस्या से संपत्ति तक का सफर पशुपालन को लेकर सोच में आया बदलाव इस पूरी कहानी की शुरुआत है। जो पशु पहले बोझ माने जाते थे, उन्हें अब एक व्यवस्थित ढांचे...
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