नई दिल्ली, अगस्त 29 -- भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक, पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और 'मार्गदर्शक मंडल' के सदस्य डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की शिक्षा नीति, बजट और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अमर उजाला को दिए एक इंटरव्यू में, डॉ. जोशी ने पेपर लीक, शिक्षा के व्यवसायीकरण, बजट में कटौती और 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।"जब सरकार खुद घोटालों में फंसी हो..." पेपर लीक की घटनाओं को केवल परीक्षा प्रणाली की नाकामी मानने के बजाय, डॉ. जोशी ने इसे समाज और शासन में बढ़ते भ्रष्टाचार से जोड़ा। यह भी पढ़ें- बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो न हो... कंगना रनौत ने क्यों कहा- मैं पपेट नहीं हूं उन्होंने कहा कि जब छात्र देखते हैं कि शिक्षकों की नियुक्तियां घूस दे...