अल्मोड़ा, फरवरी 1 -- 'नशा नहीं रोजगार दो काम का अधिकार दो' आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पर रविवार को रामगंगा आरती घाट पर गोष्ठी हुई। कहा कि सरकारों ने राज्य की अवधारणा से खिलवाड़ कर इसे खोखला कर दिया है। एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। गोष्ठी में लोगों ने बढ़ते नशे, भू माफिया, बेरोजगारी आदि पर नाराजगी जताई। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने 1984 आंदोलन के पृष्ठभूमि की जानकारी दी। वक्ताओं ने पहाड़ पर नशे की बढ़ती लत, भू माफिया के कब्जे से पहाड़ की जनता त्रस्त है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर पूंजीपतियों व माफियाओं का एकाधिकार हो गया है। बेरोजगारों के अधिकारों की लड़ाई को नशे की राजनीति से भटकाया जा रहा है। लोगों ने खेती के नुकसान को लेकर भी चिंता जताई। साथ ही बताया कि आंदोलन के 42 वीं वर्षगांठ पर आज यानी सोमवार को चौखुटिया में स...
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