'सरकारी जमीन का पट्टा रद्द करने का फैसला सही'
नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में सरकारी जल निकाय के रूप में दर्ज जमीन पर दिए गए 'रयतवारी पट्टे' को रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है। न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने 16 अक्तूबर को दिए अपने फैसले में फ्लैट मालिकों की स्थिति पर ध्यान दिया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन 20 फ्लैटों को गिराने से पहले, उनके मालिकों को कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह दी जाए। 'रयतवारी पट्टा' एक आधिकारिक राजस्व दस्तावेज और भूमि रिकॉर्ड होता है, जो किसी किसान (रयत) को दिया जाता है। यह उसे किसी खास जमीन पर कब्जा करने और खेती करने का अधिकार देता है, जिसके बदले में उसे सीधे सरकार को भूमि कर देना होता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.