धनबाद, मार्च 10 -- डुमरी तीन नंबर गुरुद्वारा कमेटी की ओर से गुरुद्वारा के समीप सोमवार को होला मुहल्ला गुरु पर्व धूमधाम से मनाया गया। मौके पर बाबा का दीवान सजाया गया था। बाबा के नाम की अरदास कर गुरु पर्व का शुभारंभ किया गया। इस दौरान हर सिख को हुक्म है गुरु मान्यो ग्रंथ, जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से बाबा का दरबार गूंज उठा। बाबा की पालकी फूलों से सजाई गई थी। डुमरी की स्त्री सत्संग ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल कर दिया। लुधियान से आए कथा वाचक बाबा बेअंत सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के जीवनी बारे में बताया कि होली को होला मोहल्ला के रूप में मनाने की शुरुआत वर्ष 1680 में किला आनंदपुर साहिब में गुरु गोविंद सिंह ने स्वयं की थी। इसका मुख्य उद्देश्य सिख समुदाय को तन-मन से मजबूत बनाते हुए उनमें विजय और वीरता के जज्बे को दृढ़ करना था। 17...
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