नई दिल्ली, मई 7 -- सुप्रीम कोर्ट के नौ जज की संविधान पीठ ने गुरुवार को कहा कि यदि अदालतें धर्म और धार्मिक प्रथाओं जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करती है तो हर धर्म टूट जाएगा और संवैधानिक अदालतों को बंद करना पड़ेगा। संविधान पीठ ने कहा कि इसलिए, ऐसे मामलों से निपटते समय अदालतों को बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने केरल के सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ-साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की। संविधान पीठ ने कहा कि यदि अदालतें किसी एक ऐसे मामले में दखल देती हैं, तो इससे धर्म से जुड़े कई और मामले या चुनौतियां सामने आ सकती हैं। पीठ में सीजेआई के अलावा, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, एम.ए...
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