नई दिल्ली, अगस्त 30 -- नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच जहां 780 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 2,500 से ज्यादा लोग लापता हैं, वहीं 51 साल की ओमान की रहने वाली पर्वतारोही फतहिया अल जदजाली की कहानी एक चमत्कार की तरह सामने आई है। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में याला पीक की 5,500 मीटर की ऊंचाई पर 3 दिनों (72 घंटे) तक फंसी रहने के बाद ओमानी पर्वतारोही को नेपाली अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है।"आंखों के सामने पूरे गांव को बहता देखा" काठमांडू पहुंचने के बाद अल जदजाली ने 'टाइम्स ऑफ ओमान' से अपनी आपबीती साझा की। यह भी पढ़ें- नदी ने गांव को निगल लिया, भागो! नेपाल में एक शिक्षक ने बचाई 1643 बच्चों की जान उन्होंने बताया, "मैं 21 अगस्त को याला पीक के ट्रेक पर निकली थी। 26 अगस्त को जब मैं नीचे उतर रही थी, तो मैंने ऊपर से मल...