'संस्कृत है भारतीय अस्मिता का आधार'
हल्द्वानी, अगस्त 30 -- हल्द्वानी। संस्कृत सप्ताह के अवसर पर संस्कृत भारती नैनीताल की ओर से दुर्गादत्त कपिलाश्रमी संस्कृत विद्यालय में 'संस्कृत का वैश्विक प्रभाव' विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो. विनय विद्यालंकार ने संस्कृत को भारतीय अस्मिता का आधार बताया। मुख्य वक्ता डॉ. हरीश गुरुरानी ने संस्कृत की वैज्ञानिकता, वैश्विक प्रभाव और आधुनिक युग में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। संस्कृत भारती के प्रदेश सह मंत्री डॉ. चन्द्रप्रकाश उप्रेती ने युवा पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने का आह्वान किया, जबकि विभाग संयोजक डॉ. नीरज कुमार जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता डॉ. राजेन्द्र भट्ट ने की। यह भी पढ़ें- संस्कृत के संदेश के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा डॉ. मोहित जोशी,डॉ. जगदीश चंद्र पांडेय आदि मौजूद...
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