'संसारिक मित्र विपत्ति में धोखा दे सकता पर परमात्मा कभी नहीं'
मुजफ्फरपुर, जून 6 -- सकरा,हिन्दुस्तान संवाददाता। बरियारपुर थाने के फिरोजपुर में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन शनिवार को हरिहर क्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरुरामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने सुदामा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे। दोनों एक ही गुरुकुल में पढ़ते थे, लेकिन श्रापित चना खाने के कारण सुदामा गरीब बन गए और भगवान श्रीकृष्ण द्वारिका के राजा बने। उन्होंने कहा कि संसारिक मित्र विपत्ति में धोखा दे सकता है, लेकिन असली मित्र परमात्मा कभी धोखा नहीं देता। आजकल तो लोग स्वार्थ के कारण मित्र एवं हितैषी बनते हैं। स्वार्थ जहां समाप्त होता है, दोनों एक-दूसरे के शत्रु बन जाते हैं, जहां स्वार्थ रहेगा वहां मित्रता कैसी। जगत में कोई किसी का मित्र नहीं है। संसार दुःख का सागर है। कर्मों के संबं...
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