नई दिल्ली, जुलाई 14 -- 19 साल पुराने हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी महिला को पूरी तरह बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि केवल संदेह, चाहे वह कितना भी गंभीर क्यों न हो, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का आधार नहीं बन सकता। जज संजय करोल और जज प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 2010 के फैसले को बरकरार रखते हुए महाराष्ट्र सरकार की अपील खारिज कर दी। मामला फरवरी 2007 का है, जब बैंक कर्मचारी किरण सूर्यवंशी मृत पाए गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी मोनिका ने प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची थी। यह भी पढ़ें- क्या वापस लौट रहा कोविड? 2022 के बाद पहली बार दो लोगों की मौत ने बढ़ाई टेंशन सत्र अदालत ने 2008 में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए...