'श्रीमद्भागवत गीता के आदर्श आज भी प्रासंगिक'
वाराणसी, जुलाई 27 -- वाराणसी। बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र में सोमवार को 'श्रीमद्भगवद्गीता और सामाजिक समावेशन : महिला अधिकारिता के विशेष संदर्भ में' विषय पर अतिविशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चैहान ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के आदर्श आज के प्रशासनिक तंत्र और सुशासन के लिए प्रासंगिक हैं।
महिला अधिकारिता पर विचार उन्होंने महिला अधिकारिता, न्याय, समान अवसर और उत्तरदायी प्रशासन को गीता के मूल सिद्धांतों से जोड़ते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को गरिमापूर्ण एवं न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। इससे पहले केंद्र समन्वयक प्रो. जेबी कुमरैया ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कै...
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