प्रयागराज, अप्रैल 1 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इंडियन सोसाइटी ऑफ सेल बायोलॉजी के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेल कल्चर, आरएनए आइसोलेशन और सेल हार्वेस्टिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। डीन साइंस प्रो. एसआई रिजवी ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शोध कार्यों से होती है और गुणवत्तापूर्ण शोध ही संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि कोशिकाओं को तोड़कर आरएनए कैसे निकाला जाता है और उसके माध्यम से यह कैसे पता लगाया जाता है कि कौन-सा जीन सक्रिय हो रहा है और कौन-सा कम हो रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.