वाराणसी, अगस्त 13 -- वाराणसी। बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र वाराणसी की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के तीसरे दिन बुधवार को 'भारत विद्या और दक्षिण एशिया अध्ययन की वर्तमान प्रासंगिकता एवं अध्यापन की नई प्रविधि' विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ। ट्यूबिंगन विश्वविद्यालय जर्मनी के भारत विद्या विभाग के दिव्यराज अमिय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से भारत विद्या की परंपराओं को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरा विश्व अनेक सामाजिक, पर्यावरणीय और मानवीय समस्याओं से जूझ रहा है, उस समय भी भारत के अनेक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां उनकी पारंपरिक जीवन-पद्धतियां और ज्ञान-परम्पराएं जीवित हैं। कहा कि विश्व के सामने पर्यावरण संकट, वृद्ध होती जनसंख्या, महिला सशक्तीकरण, आदिवासी विमर्श और तकनीकी परिवर्तन जैसे क...