अल्मोड़ा, अप्रैल 1 -- 'वारि विमर्शः जल पर चर्चा' के चतुर्थ संस्करण में बुधवार को वनाग्नि और जलवायु परिवर्तन पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विदेशी प्रजातियां स्वदेशी प्रजातियों का स्थान ले रहीं हैं। इससे प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से हुई गोष्ठी का विषय 'वनाग्नि व जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण अंतर्संबंध' रहा। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की सचिव डॉ. वसुधा पंत ने कहा कि हम तेजी से मरुस्थलीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। समय रहते अगर इसके लिए प्रयास करने जरूरी हैं। डीएफओ सिविल सोयम प्रदीप धौलाखंडी ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ कम होने पर चिंता जताई। स्याही देवी विकास मंच (शीतलाखेत) के संयोजक गजेंद्र कुमार पाठक ने वनाग्नि कारण चीड़ नहीं हमारी लापरवाही बताया। यहां पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, महापौर अजय वर्मा, प्रो. न...